प्रातिभ ज्ञान sentence in Hindi
pronunciation: [ peraatibh jenyaan ]
"प्रातिभ ज्ञान" meaning in English
Examples
- यह “ प्रातिभ ज्ञान ” है।
- -प्रातिभ ज्ञान उत्पन्न होने से (बिना किसी संयम के ही),
- कवि जब किसी सहज अथवा प्रातिभ ज्ञान के प्रति खुले रहने का दावा करता
- अब पातंजलि योग-दर्शन की बात कहने वाले लोग ये बताना भूल जाते हैं कि पातंजलि योग-दर्शन के तीसरे चैप्टर मैं विभूति-पाद, उसमें ऋषि ने कहा है कि यदि साधक को प्रातिभ ज्ञान प्राप्त हो जाता है, तो उसे ६ सिद्धियों प्राप्त होती हैं, उसमें पहली सिद्धि है ध्यान और समाधि कि स्थिति में साधक अनलिमिटेड पास्ट-फ्यूचर को देखता-सुनता है.
- जब हम यह कहते हैं कि दिक् और काल एक-दूसरे से ऐसे जुड़े हैं कि उनकी अलग परिभाषा भी नहीं की जा सकती, अथवा जब वह आग्रह करते हैं कि चार आयामों वाले दिक्काल-सातत्य की बात करना ही संगत है, तब हमने निहित रूप से यह मान लिया होता है कि दिक् का भी एक सहज-बोध अथवा प्रातिभ ज्ञान हमें होता है।
- जहाँ न पहुँचे रवि, वहाँ पहुँचे कवि ' और ‘ फूल्स रश इन ह्वेयर एंजेल्स फियर टु ट्रेड ' की व्यंजनाओं में बहुत दूरी नहीं होती! लेकिन कवि जब किसी सहज अथवा प्रातिभ ज्ञान के प्रति खुले रहने का दावा करता है, अथवा दावा नहीं भी करता तो ऐसा विश्वास रखता है कि ऐसे खुलेपन में ही वह समय-समय पर उस दिव्य आलोक का संस्पर्श पा सकेगा जिसमें ही सर्जना-कर्म होता है, तब वह यह भी मान लेता है कि समय-समय पर उसके द्वारा ऐसे अनधिकृत काम भी होते रहेंगे!
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